Important Notice
Title: न दौलत देखी जाएगी न तमगा देखा जाएगा
Album/Label: नात शरीफ़
Naatkhwan: शकील आरफी
Shayar: शकील आरफी
न दौलत देखी जाएगी न तमगा देखा जाएगा
कयामत में मोहम्मद का वसीला देखा जाएगा।
अगर जन्नत की ख्वाहिश है तो इतना याद रख नजदी
वहां सजदे नहीं उनका इशारा देखा जाएगा।
गरीबी और अमीरी के गिले शिकवों से क्या मतलब
चलो पैदल चलें तैयबा जो होगा देखा जाएगा।
ये नज्दी कौन सी सूरत में उनके पास जाएंगे
अगर कौसर पिलाते वक्त चेहरा देखा जाएगा।
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