Saturday, 4 July 2026

सरवरे कौनैन को दिल में बसाना चाहिए - Sarware Kaunain Ko Dil Mein Basana Chahiye (Tasleem Raza Barelvi, Naat Sharif)

Title: सरवरे कौनैन को दिल में बसाना चाहिए
Album/Label: नात शरीफ़
Naatkhwan: तस्लीम रज़ा बरेलवी
Shayar: तस्लीम रज़ा बरेलवी


सरवरे कौनैन को दिल में बसाना चाहिए
अपने दिल को ख़ान ए काबा बनना चाहिए।

मंगनी हो जब दुआएं अपनी बख़्शिश के लिए
गुंबदे खज़रा की जानिब लौ लगाना चाहिए।

बाग़ ए जन्नत की तमन्ना है तुम्हें मरने के बाद
दोस्तों मां बाप के पांव दबाना चाहिए।

तेरी ख़ातिर सर कटाया है अली के लाल ने
मज़हब ए इस्लाम तुझको मुस्कुराना चाहिए।

दीने अह़मद की हिफाज़त जिसने की है हिंद में
आला हज़रत के हमें फिर गीत गाना चाहिए।

जो बना दे बागे जन्नत के महल इस रेत पर
ऐ जहां वालों वही बहलूल दाना चाहिए।